भारी संकट की चपेट में आज

देश अपना जूझ रहा है

ग़रीबी या लाचारी नहीं

महामारी का इलाज बुझ रहा है


रहे स्वच्छ और सुरक्षित

इसी में सबकी भलाई है

सभी नियमों का करके पालन

देश पर आयी बिपदा मिटानी है


सबका कल रहे सुरक्षित, उसने

अपना आज दाव पर लगाया है

करते इलाज वे चिकित्सक

मगर भगवान का दर्जा पाया है


सरकार की भी है कोशिशें

देश की जनता का हित हो

ना हों ओर देशों जैसे हालत

संयम ओर संकल्प से सब सुरक्षित हो।