कहानियां , किस्से और किस्मत,

मानो रब ने लिखा अनंत खत,

सोचे मन क्या फिर यादों के खज़ाने से मिलेगी फुर्सत?

क्या मौंजो के समंदर में फिर हो सकेगी हरकत?

माना बहुत अभी ज़िन्दगी में बरकत,

कुछ एहसासों से थी किन्तु मेरी हशमत,


कहानियां जीनी हैं,

किस्से सुनाने हैं,

ज़िन्दगी जो जी वही तो गुलज़ार हैं!


किस्मत को करना हैं लम्हों का शुक्राना,

बेहिसाब हुआ मानो ख़ुशी का ठिकाना,

लगता असलियत हुआ सवेरे का दीवाना,

उजले रौशन सफर को हो चलें हम रवाना,

सब्र संग स्वीकृति का सफ़ेद रंग निखर आया,

पुष्पों से मानो अमृत मधु तितली ने चुराया,

भीनी सी मनोहर ख़ुशब़ू ने मन का मंदिर महकाया।


- यति