विहान एक समय हैं,
विहान एक विकल्प हैं,
विहान वस्तु विशेष के परे हैं,
विहान विपदा का उन्मूलन हैं,
विहान विस्मयकारी विवेक का वर्तमान हैं,
समय के साथ विकसित होती ज़ुबान हैं,
बारंबार उठती मन में सोई हुंकार हैं,
जज़्बे से लबरेज़ आशा की व्युत्पत्ति हैं,
भय संशय को ना मिलती तृप्ति हैं,
विकारों की मुक्ति हैं।
- यति


