उजाला , उर्वर मस्तिष्क की खुराक,
सवेरे का आनंद सोपान,
दिन की पहली किरण सकारात्मक सोच से सुप्रभात!
कभी ना विचारें अत्यधिक था कल का भार,
अभिव्यक्त करें सच्चे मन से आभार!
तकल्लुफ कर तमस को त्यागें,
त्योहार भांति दिवस को दिव्यता से सवारें!
दिल को दुआ का दवाखाना बनाइए!
दुआओं की दुहाई करते इस वक़्त में,
उषा में उमंग संग स्वयं को निखारें!
व्यक्तित्व में सूक्ष्मता का सहज सुमन खिलाएं,
कभी अविश्वास की क्षमता ना बढ़ने पाए!
जीवन के उजाले को प्रेरणा का स्त्रोत बनाएं!
हर चुनौती को सहसा स्वीकृती से हराएं,
प्रेम का पोषण हृदय में परिपूर्णता लाएं!
- यति


