लिपि कालक्रमबद्धता से विकसित,
इससे हुआ समूची ज्ञप्ति को हित,
इस कला से आप भी परिचित,
एकाग्र लिपि के अध्यन से चित्त!
कभी होती गहरी,घुमावदार मात्राएं,
अक्षर से शब्द बनने की यात्राएं,
केवल कोरा सा समक्ष कागज़ हो,
फिर आपकी लेखनी का आगाज़ हो!
कुछ अक्षरों में होता उष्म सा उभार,
कुछ के सिमटते कम होता मन का भार!
हम सभी की कितनी अलग लिखावट,
हर भाषा में इनकी अपने किस्म की बनावट,
और जब प्रयत्नशील होता हमारा स्वभाव,
तो लिखावट को परखने में दुगना चाव!
कभी झिलमिल सितारों जैसे होते ये प्रतीत,
कभी व्यक्त करते अनोखी गाथा और अतीत,
लय संग बांधते भावों को सुंदरता से परस्पर,
गोल मोती जैसे दिखते जमे हुए संग अक्सर,
ख़त को ज़ुबान दे सकने के रखते आसार,
या हो कभी किसी दृष्टिकोण का प्रसार,
गौर करिएगा इनकी अनूठी बनावट पर,
रहस्य खोलती पन्नों की हर सिलवट पर,
क्यूंकि स्याही की केवल यही तो चाहत,
अभिव्यक्त कर ख़ामोशी को दे सके लंबी राहत!
- यति
✨
"Our lives are a constellation of events, strung together, glittering; the shapes only being seen from a distance."


