
क्यूंकि तुम उसका प्यार नहीं हो,
लेकिन उसका गुमान अजब हो!
सदाकत की सड़क को सुलभ बनाएं,
आओ! असलियत को मिलकर आयिना दिखाएं,
सपने टूटे इतने कमज़ोर नहीं,
हड़पे वो स्वाभिमान ऐसा कुछ ज़ब्त नहीं,
क्यूंकि तुम उसका प्यार नहीं हो,
तुम्हें अपने दोस्तों से मिलवाना चाहता वो!
स्वयं को संयमित किन्तु न रख पाता वो,
स्वामिनी उसकी होंगी अनेक,
प्रतीक्षा करे ऐसा दिल न उसका नेक,
ना करो विचार, तर्क का हो चुका विश्ले
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