प्यारी सी उनकी झपकी,

मन करता दूं मैं भी मीठी सी थपकी!

चेहरे पर न शिकन के डेरे,

कोमल सी केवल मुस्कान बिखेरे,

फिल्में मुझे दिखाएंगे!

किरदारों के गुण हमको संग सुहाएंगे,

इतिहास की पहेलियां भी वो बुझाएंगे!

खिलें हैं जीवन में ऐसे गुल जो कभी ना मुरझाएंगे!

फिर सब्र रख बहुत कुछ सिखाएंगे,

आशंका हैं मुझे मेरे हास्य पर वो खुदको न रोक पाएंगे!

मुझ पर प्यार लुटाते हैं,

नटखट मस्ती कर बहुत हंसाते हैं!

उनका रहन सहन सरल लुभाता,

उनका अपनापन सारा चैन चुराता!

होना उनका मौजूद मुझमें,

लगता विवेक विकसित हुआ हो खुद में,

कल्पना करूं उनके बिना मैं कैसे?

उनका होना देह में सांसो का वास हो जैसे।



- यति