वर्दी को हर बार इस्त्री करना स्कूल जाते पल,

सिखाया अनुशासन का पालन करके उसका मतबल!

बचपन में कंधों पर सैर कराई चाहे रूठी हो कमर!

याद मुझे दीवारों पर कलर पेंसिल से लिखती थी मैं अक्सर!

नखरे करूं तो भी समय का सिखाते पाबंद,

याद मुझे मेरे बालों में रिबन आपको बड़ी पसंद!

मम्मी और मेरे दोनों के केशों का आपको ख़्याल,

चंपी से तनाव भगाने के आपके तरीके थे कमाल,

सुनकर मेरा हर चमकीला सा किस्सा,

खुदके सुकून का भी दिया मुझे हर हिस्सा!

सीधी मांग मुझ पर और मम्मी पर सूती साड़ी आपको भाती,

नटखट छोटे भाई की भी तो ज़िद आपको सुहाती!

बुझदील जब भी हुई मैं किसी क्षण,

न लगने दी ठोकर कभी ज़रा भी किसी कण,

सिखलाया कैसे न छोड़ना हालात देख जटिल रण,

जन्मदिवस पर आपके हर त्याग का फिर आया स्मरण!



- यती


Happy Birthday Papa ❤️