असर इस कदर ,

प्रचार जैसे हो पहुंचा शिखर ,

मौजूद समा में इक अद्भुत लहर ,

कला से अवसर के चुनाव की क्षमता का विस्तार !

तैयारी में हैं कला की खुमारी बेशुमार ,

यहां उपस्थित हर कवि को मेहनत स्वीकार ,

सब अपनी भावनाओं को देते हैं अद्भुत अल्फाजों से आकार ,

लगता हो चला मेरा सपना भी साकार ,

वार्ता होगी उसमें त्रुटि पर भी डलेगा उचित प्रकाश ,

मिल सकेंगी परिवर्तन करने हेतु दुर्लभ विचार ,

हर प्राणी को हो सके यह आत्मसाक्षात्कार ,

यहीं मेरे अंतर्मन की सोच जो पूर्णतः निर्विकार ।


- यति





"Art is the highest form of hope ! " :)



❤️