एक अनूठा वादा✨
क्यूंकि वो दिन नहीं रहे जब दिल भर आए,
तो गोलगप्पे की दुकान में चटकारे लगाएं,
कि छोटी सी खुशी की खातिर अपनों के सामने यूंही झुक जाएं,
और दोपहर कि झपकी के बाद चाय से मुख पर मुस्कान झिलमिलाए,
तो करोगे एक अनूठा वादा?
की दिल की बात सुनाने एक बार हमारे संग भी थोड़ा वक़्त ज़रूर बिताओगे,
कि वक़्त को भूल कभी समय का कम हिसाब लगाओगे,
कि फिर दिन ढ़ले तो बेबाक चुटकुलों से हमें यूंही हसाओगे,
तो करोगे एक अनूठा वादा ,
कि रूठने पर फिर बेचैनी के बादल नहीं,
आज़ादी का अधिकार दोगे,
रिमझिम सी बरखा आने पर
सब भूल मुझ पर अपनी जान छिड़काओगे,
और फिर हल्के से अपना बनाकर सीने से कसकर लगाओगे।
तो करोगे एक अनूठा वादा?
~ यति
शुक्रिया
:)✒✨


