मिलेंगे अच्छे लोग,
नहीं रखते जो कोई लोभ,
प्रभुत्व का उनको सरल बोध,
मेरी तमन्ना भी उन्हें जानने की अबोध!
आमोद प्रमोद से प्रगाढ़ मित्रता का स्रोत,
मुश्किलों में भी ख़ुशी से रहते जो ओत प्रोत,
कहो कैसे शुक्रिया करूं उनका प्रत्येक दिन?
अनगिनत आभार नहीं सकते शायद जिन्हें गिन,
रूबरू उनकी मुस्कान,
हसीं मानो ये अनसुनी दास्तान,
विनोद से पूर्ण ,
निरंतर उन्हें प्रेम रखे सदा संपूर्ण,
आहिस्ता से क्रोध होता कहीं लुप्त,
अब राज़ उनके समक्ष कैसे कोई गुप्त?
त्रास नहीं ,
उनके सिवा कुछ खास नहीं,
जादू सरीखी सुगंध उनके व्यक्तित्व में,
शांति तथा उत्साह का मिश्रण उनकी गतिविधि में,
हां, मिलते हैं अच्छे लोग,
नहीं रखते जो कोई लोभ!
✨
- यति


