रिंद मदिरा में ही डूबा हो,जरूरी तो नहीं।शिकस्त हुए परिंदे को आज़ादी मिले,जरूरी तो नहीं ।हसरत सभी ख्वाबो की पुरी हो,जरूरी तो नहीं ।
रिंद मदिरा में ही डूबा हो,जरूरी तो नहीं।
शिकस्त हुए परिंदे को आज़ादी मिले,जरूरी तो नहीं ।
हसरत सभी ख्वाबो की पुरी हो,जरूरी तो नहीं ।