इश्क़ नहीं,मैंने मोहब्बत की है तुझसे ।बोल सकू खुद को तेरी मीरा,और तुझको कृष्ण अपना,नहीं हूं इतनी पाक़,लेकिन हां,इश्क़ नहीं,मैंने अक़ीदत की है तुझसे ।
इश्क़ नहीं,मैंने मोहब्बत की है तुझसे ।
बोल सकू खुद को तेरी मीरा,और तुझको कृष्ण अपना,नहीं हूं इतनी पाक़,
लेकिन हां,
इश्क़ नहीं,मैंने अक़ीदत की है तुझसे ।