वो हो तो मुझसे मुख़ातिब पता चले कि उनका जाना था वाजिब पता चले एहतिराम तो होगा उनका, मगर पहले आने वालों की जानिब पता चले कोई पीटता है दरवाज़ा ज़ोर ज़ोर से कौन जल्दी में है खोल हाजिब! पता चले दीवार है क्या दरवाज़े की जगह कमरे में? कोई आता जाता नही, मौजिब पता चले ये किसकी कलम मिली है रस्ते में मुझे जिसने लिखना छोड़ा वो कातिब पता चले

धोखे खा के कईं सम्त से मेरे पास आया है सूरज कहाँ से निकला,वो मग़रिब पता चले

-यशराज   जानिब- direction हाजिब- doorkeeper मौजिब- reason, cause कातिब- writer, quill-dirver मग़रिब- west