लोग कहते हैं हर दर्द के साथ मेरी शायरी बेहतर हो रही है मैं कहता हूँ हर दर्द के साथ मैं खुदको खो रहा हूँ
अगर ये सिलसिला यूही चलता रहा अंकरीब वो दिन आएगा जब मेरी शायरी उरूज पे होगी और मेरा ज़वाल होगा तब मेरी शायरी तो होगी तुम्हारे पास गुनगुनाने के लिए मगर मैं ना रहूँगा दिल तुम्हारा बहलाने के लिए (c) Yaseen Anwer