✍️मुआफ़िक़ (उजाले)✍️
अब की आओ तो दुआ ले आना
वरना आंखों में वफा ले आना
हम इन आंखों से कंचे खेलते हैं
दिल की गोलक पे ही उड़ेलते हैं
हम महोब्बत का जुआ खेलते हैं
दिल भी लाओ तो सफा ले आना
हम नजर को चराग करते हैं
आग के फन को राख करते हैं
हम उजाले के मुआफ़िक़ हैं “विनय”
तुम भी आओ तो उजाले आना
#writervinayazad