✍️✍️
जैसा गया था वैसा इशारा नहीं मिला
जो शख्स खो गया दोबारा नहीं मिला
✍️✍️
वो दे गया मुझको मेरी तकदीर खोजकर
वो बाप था मुझको कभी हारा नहीं मिला
✍️✍️
इतना सबक मिला मुझे दुनिया को देखकर
हारे को इस दुनिया में सहारा नहीं मिला
✍️✍️
हैरान हूं मैं चांद क्यूं चलता है रातभर
सारे फलक में एक भी तारा नहीं मिला
#writervinayazad