जरूरत से जादा खाने पर हज़म नहीं होता।

लोग समझते क्यों नहीं सब कुछ पैसा नहीं होता।।


नौकरी के अलावा जेहन में कुछ नहीं होता।

कुछ और भी तो करो सब कुछ पैसा नहीं होता।।


कोठा होता है मालामाल पर इज़्ज़त नहीं होता।

इज़्ज़त कमाना सिखों सब कुछ पैसा नहीं होता।।


सबके के लिए कुछ करना ये गलत नहीं होता।

दूसरों के लिए मुस्कुराओ सब कुछ पैसा नहीं होता।।


लोगों को ज़लील करना पाप है ये खबर नहीं होता।

कभी गरीबों से हाथ मिलाओ सब कुछ पैसा नहीं होता।।