यू तो हम हर साल मदर्स डे मनाते है
लेकिन क्यू हर बार एक मां को भूल जाते है
जिस धरती ने हमे अपने कण कण से सींचा है
Us धारती के आसू पे हम अपना आशिया बसाते है
हर बार इंसानियत को दरिंदगी का प्रमाण बनाते हैं
क्यू जिंदगी को धुआं
और सांस को गंदगी बनाते है |२
सांची कहूं तो ये धरती से बड़ा दौलत कुछ भी नहीं
स्वच्छ पानी और साफ हवा से बड़ा वसीयत कुछ भी नहीं
की संभाल के रखो इस धोरहर को
अगर ये नही तो
इससे बदनसीब कुछ भी नही।
by niketa kumari


