होठों पर मुस्कान और नज़रों में आस थी, बातों से तीखी पर उसकी जुबां पर मिठास थी,
सर्द हवाओं की लंबी रात थी पर उसकी गर्म हथेलियों में पूरी कायनात थी।


होठों पर मुस्कान और नज़रों में आस थी, बातों से तीखी पर उसकी जुबां पर मिठास थी,
सर्द हवाओं की लंबी रात थी पर उसकी गर्म हथेलियों में पूरी कायनात थी।