कभी ना कभी मेरी यादों में खोती होगी ना!
आंखें भर आने पर तुम भी रोती होगी ना!!
खुली आंखों के ख्वाबों में हम आते होंगे!
कोई हैं पास, मेरी आभास होती होगी ना!!
चलो माना कि व्यस्त हो जिंदगी में तुम बहुत,
पर वो यादों की माला में मेरी मोती होगी ना!
नींद तुम्हें भी पहले पहरे पे ही आती होगी
पर अपने सहर होने तक तुम सोती होगी ना!
कड़ी धूप में कौन किसे याद किया करता है
पर तुम्हारी छत पे बारिश तो होती होगी ना!