
कुछ नहीं तो भी मिशाल जिंदगी करूंगा।
इतना है कि शख्सियत में सादगी करूंगा।
आज अंधेरे अक्सर रहते हैं साथ साथ मेरे
उन्हें इल्म है, मैं एक रोज़ रौशनी करूंगा।
अब तो हर किसी की इनायत है मुझ पर
मैं भी सब को खुश रखने की बंदगी करूंगा।
मैंने
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