तूफान...
ताल्लुकात गहरे भी खत्म हो जाया करते हैं,
जिंदगी समंदर है यहाँ तूफान आया करते हैं।
हाथ झटक के कभी जो छुड़ा गए थे वो भी,
बेवफ़ाई का इल्ज़ाम हमीं पर लगाया करते हैं।
जब कभी किसी महफिल में मिल जाते हैं वो,
कभी हमें तकते हैं, कभी नज़र चुराया करते हैं।
लोग किसी परेशाँ को भी तनहा होने नहीं देते,
हाल पूछने के बहाने से दिल जलाया करते हैं।
मुझको तो मेरी ख़लवत ने भी आसरा ना दिया,
मुझको मेरे अपने भी रोज़ आज़माया करते हैं।
मुझे तो अब बस इन अंधेरों का हो के जीना है,
दिए रौशन मेरे अरमाँ के तो टुट जाया करते हैं।
Vikram...


