मैं हवा हूं कहां कहां सफर मेरा,
ये रास्ते मेरे ये सारा शहर मेरा।
तुझे अब रातभर नींद नहीं आती है,
अब भी तेरे ख्वाबों पर है असर मेरा।
पिछले सावन तु मिलने चली आई थी,
तुझको भुला सका नहीं है घर मेरा।
मेरे आइने में तु ही तु नज़र आती है,
तेरी सिलवटें छोड़ता नहीं बिस्तर मेरा।
चांद निकला था उस दिन दूबा ही नहीं,
रुक गया वो भी हाल देखकर मेरा।
Vikram...
