डरा नहीं हूँ... 


नहीं मैं डरा नहीं हूँ,

ज़िंदा हूँ मरा नहीं हूँ।


क्या सोचा, मैं हार गया,

धर सारे हथियार गया,

हाँ घायल हूँ, गिरा नहीं हूँ,

वादे पर ही हूँ, मुकरा नहीं हूँ।


अभी भी ज़िंदा है ख़्वाहिशें, 

वख्त दो, पार होंगी आज़माइशें,

सुना है नज़रमें हूँ, उतरा नहीं हूँ,

ज़रा टूटा हूँ, बिखरा नहीं हूँ।


राह में हूँ, मंज़िल से हटा नहीं हूँ,

धीरे चल रहा हूँ, रुका नहीं हूँ, 

भीड़में भी भय से भरा नहीं हूँ, 

बेखुद हूँ ज़रा, सिरफिरा नहीं हूँ। 

Vikram...