ये ज़िन्दगी है बदल ही जाती हैमुट्ठी में रेत सी फिसल ही जाती हैलाख कहानियाँ छिपा के रखीपर खबरें उछल ही जाती हैँ
ये ज़िन्दगी है बदल ही जाती हैमुट्ठी में रेत सी फिसल ही जाती है
लाख कहानियाँ छिपा के रखीपर खबरें उछल ही जाती हैँ