ना कर गुमान इतना
कि सह ना सके कर्मा का सजा जितना
यूं तो तू भी इंसान है
पर क्या खुद को समझ रहा तू भगवान जितना
कम से कम कर काम इतना
कि लगे मौत के वक्त कि चुका दिया तूने कर्ज अपना
यूं ही ना होता जन्म इंसान में ,
क्या ये भी अब तुझे बताना है ?
भूल सारी बातें और कर खुद पर एहसान इतना
कि मर भी जाए तो कुछ लोग समझे तुझे अपना

क्योंकि रखकर गुमान तू नहीं बन पाएगा महान

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