खुदा हो दुआ हो आफताब हो तुम
गिरते झरने की कल-कल जिन्दगी का साथ हो तुम
सूरज की गर्मी हो, चन्दा सी शीतल भी
फूलों की खुशबू हो, गंगा सी निर्मल भी
दुआ हो दया हो, हाल-ए-बेहाल हो तुम
जिन्दगी की हरियाली, उस हरियाली की मचान हो तुम
हवा तुम पुरवाई हो, यौवन की अंगड़ाई हो
सावन की फुआर जैसे पतझड़ मे आई हो
संगमरमर की मूरत हो, खजुराओ सा यौवन भी
तारो सा तु टीम-टीम करती, सादा तेरा जीवन भी
मोहब्बत की गाथा मे राधा का किरदार हो
जीवन की कठिनाई मे सच्चा सा प्यार हो।।