मुहब्बत मे अब रुसवाई रहने दो
प्यार मे अब जुदाई रहने दो
बहुत साथ हुआ अब हमारा तुम्हारा
जिन्दगी मे बस ये तन्हाई रहने दो
गम का अब साथ रहने दो
बीते लम्हो की प्यास रहने दो
मोहब्बत की सच्चाई देख ली हमने
तुमसे मिलने की बाकी एक आस रहने दो
मौत का अब फिक्र रहने दो
तेरे प्यार का बस जिक्र रहने दो
तेरे दिये गुलाब से महके ये जिन्दगी
मेरे जिन्दगी मे तेरे नाम का बस ये इत्र रहने दो
जिन्दगी का अब यहा तक साथ रहने दो
मेरे होठो पे अपनी ये बात रहने दो
इश्क मोहब्बत आरजू बेवफाई सब बाते है
ख्वाबो मे सही, मेरे हाथो मे अपना हाथ रहने दो
दर्द का ये सैलाब रहने दो
मेरे ख्वाबो मे तेरे ख्वाब रहने दो
तेरी यादो मे बहुत पढ़ा लिखा हमने
मेरे पास अपनी शायरी की पुरानी किताब रहने दो।।