हर बार ये इश्क का ये मौसम ना होगा
हम होंगे तुम होगे ये यौवन ना होगा
जीते रहे है सपने हम जमाने भर के
इश्क तो होगा पर ये जिवन ना होगा
जो मिले प्यार लुटाटे चलो
हर बार मै ही मिलु ये मुमकिन ना होगा
कुछ अरमाँ दिलो के भी तो समझो
हर बात वो बताये शायद उस काबिल ना होगा
अब तेरी मोहब्बत का जो इशारा होगा
मै आउ फिर से, अब ये दुबारा ना होगा