"अंधविश्वास कैसा आस्था के नाम लोग, हिंसा का तांडव सरे आम किये जाते हैं। भक्त ये हैं बन बैठे ऐसे बाबाओं के सुनो, गुरु शब्द को जो बदनाम किये जाते हैं। खोलो अपनी आंखें सारे बंद करो इनके नारे, वासना के भूखे बदकाम किये जाते हैं। दिन भर ज्ञान देते धर्म गुरु बन के ये, पीठ पीछे रंगीन शाम किये जाते हैं।।"