आजादी


ये आतादी नहीं ये एक बलिदान है

इसपे कितनो की जान कुरबान है

इस बलिदान मे सामिल ना हि हिन्दू ना हि मुसलमान है ,

इस मै तो सभी ईनसान है।।


ये आजादी नही ये एक वरदान है

इस से मिला सभी को एकता का ज्ञान है आजादी से ही हुआ देश का विभाजन है

इस आजादी से ही हुआ हमारे ग्रंथी और संस्कार का हरन है||


कितनों ने गोली खाई थी कितनो ने मौत पाई थी और

हम बोलते है की सिर्फ गांधी ने आजादी लाई थी।

ये आजादी अधीक्षप ज्यादा और बरदान कम है।

इसपे सब ने कि जिन्दगी क़ुर्बान है ये आजादी नही है ये एक बलिदान है||


                                              अष्विक विवेक