जिनके ज़मीर तिजोरियों में बंद रहते हैं, उनके अपनेपन में भी छलछंद रहते हैं, इस कलयुग का तो इतिहास बताता है, यहाँ हरएक दरबार में जयचंद रहते हैं...'अग्नि'