ज़रा सी हवाओं में तू फड़फड़ाने लगा।
इतना विशाल दरखत है
तू इन हवाओं से डरने लगा ।
दो चार पत्ते ही तो लेने आयी है ये हवाएं,
तू फ़कत जड़ों को भी इनके नाम करने लगा।
पत्ते गिरते हैं तो गिर जाने दो,
क्या बसंत खुद को रोकने लगा ?!!
-vvk


ज़रा सी हवाओं में तू फड़फड़ाने लगा।
इतना विशाल दरखत है
तू इन हवाओं से डरने लगा ।
दो चार पत्ते ही तो लेने आयी है ये हवाएं,
तू फ़कत जड़ों को भी इनके नाम करने लगा।
पत्ते गिरते हैं तो गिर जाने दो,
क्या बसंत खुद को रोकने लगा ?!!
-vvk