प्यार दिखाना नहीं आता, मायूश सा हो जाता हूंअंधेरे में एक दिया सा, अक्सर तुमको पाता हूं।कलाई मे एक धागा, मन की अटूट जंजीर हैशब्दों की जुबानी मैं, बस इतनी ही कर पाता हूं।मैं मायूश सा हो जाता हूं....!!!