कल तक जो फलसफा था अब हकीकत हो चला है
उस बचपन में जो लतीफा था वह अब क़याम हो चला है
बढती हुयी इस ज़िन्दगीका अब मायना बदल गया है
कंपकंपाते पैरों में दर्द काअब रास्ता बदल गया है
यादें तो यूं हर वक़् ज़िन्दगीहसीन कर जातीं हैं
ख्वाबों की वो दुनिया चेहरा रंगीन कर जाती हैं
आज भी जब याद आते हैं वो तो मंज़ बदल सा जाता है
हकीकत के मैखाने में जाम कुछ संभल सा जाता है
क्या बताएं कुछ बयाँ नहीं होता ये शोर बेतहाशा दिल तोड़देता है
ख्वाबों हकीकत की कश्मकश का ये विराना संगीत कुछ छोड देता है
हम तो आज भी सफर में तुम्हारा साथ माँगते रह गए
ये कारवाँ गुज़रगया और हम हाथ माँगते रह गए
