इस बदलते मौसम में किसी को तेरा ख्याल आया है

इस बदलते मौसम में किसी को एतबार आया है

चारो ओर गूंजती, प्रकृति में, सराभोर इस अनुगूँज में

किसी हमसफ़र को तुझ पर बहुत प्यार आया है


तेरे नशीली हुस्न पर, मुस्काती ये प्यारी आँखें

किसी को तेरे इशारों की शहादत याद दिलाती है

तेरे रूहानी मन से झलकती, ये झिलमिल बातें

किसी को तेरे प्यार की इबादत याद दिलाती हैं


एक तू है, जो खोयी है, खुदाई नूर के मौसम में

किसी को इन तन्हाईयों में रूबरू होती है तू

शायद होती होगी तुझमें इनमें खोने की आदत

किसी को इन रुसवाईयों में रूबरू होती है तू


महसूस तो कर उस बयार को, जिसमें किसी का सवाल है

डूब जा उन लहरों की गूँज में, जिसमें किसी का मलाल है

कितने बरस बाद, इस बदलते मौसम ने अंगड़ाई ली है तुझमें

भुला दे उन साँसों में खुद को, जिसमें किसी का ख्याल है


हम तो हर रोज़ तुझसे, हसीं ख्वाबों में मिलते हैं

उन गहराईयों में तुझसे, बस सोहबत रखते हैं

ये तो कहना मुश्किल है कि कब, कैसे और कहाँ

पर हम तुझसे बेतहाशा मोहब्बत करते हैं


कैसे बताएं तुझे दिल की इस बात को दीवाने हैं हम

पर किसी को तेरे इस वक़्त का इंतज़ार अरसे से था

कैसे समझाएं तुझे कि किसी को इस जन्म दिवस में

तुझसे मिलकर ख्वाब सजाने का ख़्याल अरसे से था


मुबारक हो तुझे ये खुदाई सौगात किसी इज़हार की

मुबारक हो तुझे ये दुआ किसी दिलो दिलदार की 

मुबारक हो तुझे ज़िन्दगी का ये बदलता नया दौर

मुबारक हो तुझे ये वफ़ा किसी हमसफर के प्यार की 


सुदर्शन