बस इतनी गुजारिश है तुम सें ।

कि अरिजीत की गानों की तरह आना तुम ।

भलें ही ।

मेरे दुःख कों चो-गुना करना ।

किंतु कम सें कम ।

मेरे सुख को भी दो-गुना कर जाना तुम ।