
कोई अंतर्मन को झकझोरे
व्यथित करे मन की माया
मानव अपना मन शांत करें
वसुधा तो विष से ही आया ।
नदियाँ जब झर-झर बहती है
काफी गलियों और नालों से
अवरोध बहुत आते पथ में
उत्तर धीरज परिभाषा है
शांति ही विजय की आशा हैं।
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कोई अंतर्मन को झकझोरे
व्यथित करे मन की माया
मानव अपना मन शांत करें
वसुधा तो विष से ही आया ।
नदियाँ जब झर-झर बहती है
काफी गलियों और नालों से
अवरोध बहुत आते पथ में
उत्तर धीरज परिभाषा है
शांति ही विजय की आशा हैं।