इल्म हुआ ये वक्त गुजर जाने के बाद

जां निकल जाती है मर जाने के बाद ।।


काट लिया उसका घर दाना देने वाला

पंछी को मालूम हुआ शजर जाने के बाद ।।


-विवेक चतुर्वेदी