उदासियों की स्मृतियाँ

सिर्फ दुःख वाले दिनों में आती हैं

लेकिन,

सुख से भरे दिनों में

हम उदासियों को

अपने स्मृतियों में आने ही नहीं देते


हमारे जीवन में दुःख का आना

ईश्वर के द्वारा दुःख को दिया गया न्याय है ।


- विवेक चतुर्वेदी