बड़ी बातें करने परलोग हमें सुनते हैंऔर,बातों को बड़ी करने परलोगों की हमे सुनना पड़ता है ।बड़ी बाते करना और बातों को बड़ी करनादो अलग बातें हैं ।।●विवेक चतुर्वेदी
बड़ी बातें करने परलोग हमें सुनते हैं
और,बातों को बड़ी करने परलोगों की हमे सुनना पड़ता है ।
बड़ी बाते करना और बातों को बड़ी करनादो अलग बातें हैं ।।
●विवेक चतुर्वेदी