1 min read 784.2K reads

प्रेम


विगत वर्षो सेरुक्मणी है वो मेरीऔर मैं उसका कान्हाउसके प्रेम पर थाइकछत्र अधिकारसब कुछ छीन लियातुम्हारी एक दंतुरित मुस्कान नेअब वह यशोदा बन बैठीं हैतुम्हारे ही प्रेम मेतुम ही हो उसके श्याम

Read more Earn more Learn more