विगत वर्षो सेरुक्मणी है वो मेरीऔर मैं उसका कान्हाउसके प्रेम पर थाइकछत्र अधिकारसब कुछ छीन लियातुम्हारी एक दंतुरित मुस्कान नेअब वह यशोदा बन बैठीं हैतुम्हारे ही प्रेम मेतुम ही हो उसके श्याम