हाथ पकड़ मेरा साकी मुझे थाम लो जरा 

थोड़ाऔर बहकना है एक और जाम दो जरा

 

दर्द बहुत है सीने में अभी मुझे घर नही जाना है 

शोर बहुत है मयखाने में सबको बोलो आराम दे जरा

 

कौतूहल से आजकल मैं दूर दूर रहना चाहता हूं 

थका हूँ राहे इश्क में चलकल, थोड़ विश्राम दो जरा

 

इधर उधर इससे उससे ,किसी से सुकूँ नही मिलता 

खैर छोड़ोसो जाऊँगा उसका एक बार नाम तो लो जरा

 

हाथ पकड़ मेरा साकी मुझे थाम लो जरा 

थोड़ाऔर बहकना है एक और जाम दो जरा