प्रेम की पात्र हो तुम ll
मेरी एकमात्र हो तुम ll
बैचेनियां मात खा रही हैं,
सुक़ून की सौग़ात हो तुम ll
और कुछ नहीं चाहिए,
मेरे लिए पर्याप्त हो तुम ll
पूजूं या प्यार करुं तुमको,
मेरे सामने साक्षात् हो तुम ll
जन्मों का सफ़र शुरू हो गया है,
अनंत सफ़र की शुरुआत हो तुम ll
