शीर्षक- शिव आ गए


तुमने इश्क फरमाया

लो जानम हम आ गए


तुमने आंसू बहाया

लो सनम गम छा गए


मदद ऐ खुदा करदा ये बंदा

लो जमी पे शिव आ गए


चरनो में पड़े धूल हटाना प्रिये

लो तुमने पुकारा और राम आ गए


नमस्तुते नमस्तुते नमस्तुते कविता का पाठ करो

लो मीरा बुलाई और शाम आ गए


कमल चरण पुष्प अर्पित “विशाल”

लो संख बजी सारे मोर आ गए