जिला कलेक्टर's image
525K

जिला कलेक्टर

की तेरी ही गलियों में आवारा शाम बनकर आऊंगा
की कभी धूप तो कभी छावं बनकर आऊंगा

वैसे कभी इतने अंडे तो गणित में भी नहीं मिले
जितने डंडे तेरे गालियों से खाके आऊंगा

की आज कल के बच्चे पढ़ते लिखते कहा हैं
उनका बस फोन पे यही लगा रहता है, मेले बाबू ने खाना खाया
Read More! Earn More! Learn More!