उसके आते ही जिंदगी के मायने बदल गयें थे, मैं वो सोचने लगा , जो मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। छोटी छोटी बात पर भी खुशी ढूंढ लेता था मैं , उसकी हर बात अच्छी लगती थी मुझे , लेकिन हमारे साथ वो नहीं होता, जो हमारे लिये बुरा होता है, बल्कि होता वो है जिसके लिये हम उपयुक्त है। जिसको चाहो वो तो नहीं मिलता । बस देखना ही नसीब हुआ, पाना नहीं ।