उसके आते ही जिंदगी के मायने बदल गयें थे,
मैं वो सोचने लगा ,
जो मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।
छोटी छोटी बात पर भी खुशी ढूंढ लेता था मैं ,
उसकी हर बात अच्छी लगती थी मुझे ,
लेकिन हमारे साथ वो नहीं होता,
जो हमारे लिये बुरा होता है,
बल्कि होता वो है
जिसके लिये हम उपयुक्त है।
जिसको चाहो वो तो नहीं मिलता ।
बस देखना ही नसीब हुआ,
पाना नहीं ।