जब घर में पिता की मृत्यु होती है, तो मात्र एक व्यक्ति नही मरता वरन मर जाते हैं उसके पीछे छूटे बच्चों के बचपन, बाजार में खिलौने खरीदने की ख्वाहिश और बच्चों की ही तरह बात करने के संस्कार.....सब मर जाते हैं |
~ विशाल एन. पाण्डेय


जब घर में पिता की मृत्यु होती है, तो मात्र एक व्यक्ति नही मरता वरन मर जाते हैं उसके पीछे छूटे बच्चों के बचपन, बाजार में खिलौने खरीदने की ख्वाहिश और बच्चों की ही तरह बात करने के संस्कार.....सब मर जाते हैं |
~ विशाल एन. पाण्डेय