धर्म यकीनन आस्था का विषय है किंतु अंधविश्वास का नही...
धर्म प्रेम, शांति एवं सौहार्द का प्रतीक है, हिंसा व अमानवीयता का नही |
और यदि हर कोई धार्मिक अंधविश्वासों के बारे में बोलने से बचता रहता तो आज भी हिंदू समाज में ऐसी कई कुरीतियाँ व्याप्त रहतीं जो सम्भवतः आप सभी को भी ठीक न लगती |
इसलिए धर्म केवल धर्म है, और कुछ नही |
✍ Vishal N. Pandey.


